Wednesday, August 11, 2010

बंदर बंदर

यहाँ ये फोटो यहाँ साफ़ नहीं है.. पर ध्यान से देखें तो पता चलेगा की ये ऋषिकेश मे लक्ष्मण झूला है....   दो बंदर भी हैं....  फिर बंदरों के पीछे हैं हम तीन..  मैं (पांच साल थी मरी उम्र तब) और मेरे पापाजी और माताजी.. 

आम तौर पर लोगो को ये फोटो नकली लगता है क्यूंकि बंदरों के गले मे कोई रस्सी नहीं है.. जंगली बंदर कैसे किसी के साथ बैठ सकते हैं .. वो भी आराम से.. 

याद करने के कोशिश करता हूँ  की मैं डरा था या नहीं???



...पर अपने को फोटो मैं देख कर लगता है की मैं डरा हुआ था थोडा सा.... 


पर उस के बाद जब भी मौका लगा मैंने बंदरों के साथ और बंदरों के खूब फोटो खींची.. 


यहाँ पर भी कोशिश तो ये थी की बंदर मेरे पास आ जाए पर.. पेड के नीचे आप बंदर को देख पायेंगें...  नंदी हिल्स बंगलोर..




फिर से ... बंदर फेंटा कोल्डड्रिंक पीते हुए.. 
अगर आँखों मैं देखो तो दर्द नजर आएगा,,, बेनर - गट्टा राष्ट्रीय पार्क मे एक बंदर.. 



बारिश मे बंदर छिपकली को मात दे रहा है.. 

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